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friends, all the Sai idols are very beautiful and amazing, as viewed by me till date . All this false superstition in reality was started in 1992 after Lord Rama birthplace rivals, just to establish Sai idols in Hindu temples.

This was started to calm the provoked hindus so that Hindus forget there real God Shri Rama. The number of fake Sai mosques are almost equal to Rama Temples in India. In every temple there is dirt prevailing besides pure Lord Ram idol in temples.

Most of Sai temples have been established after 1998 ,when many muslim agencies funded for the advertisement of Sai as a religion in many forms as melodious songs , idols and fake stories. Many fake stories portraying Sai as a saint like enlightening diyas on Diwali but in contradiction Sai spit over diyas and disrespected the festival .

There were many such cases that shows Sai as a secular idol so as to as to make hindus inherit the religious threat a Secularism. All the real photos of sai revealed him as a dogmatic muslim not a hindu deity, but none of the sai devotee trying to even imagine the purpose of using fake idols instead of real orthodox image.

if anybody feels that our alegations are wrong ,one can himself see the brutal reality .

The Sai idol you can see below ,clearly depicts that SAi was a Jihadi muslim ,inheriting no Hindu ethics . But some traitors for the sake of money started this business presenting him as a hindu idol. Making beautiful idols of sai on was just a business agenda by muslims. The day misguided hindus return to their true religion , that day this mentality shall end . We have a grave pledge target to end this muslim converted hindus.

please share this exclusive news on Watts’app ,email ,messages to save most ancient religion “HINDUISM”.

real original photos of sai in muslim outfits

real original photos of sai in muslim outfits

मित्रो, आज तक मैंने जितने भी साईं मंदिर देखे है उन सभी में साईं की मुर्तिया बहुत ही सुन्दर और मनमोहक होती है,
असल में एक पूरी योजना के साथ झूठ का प्रचार करके साईं को मंदिरों में बिठाने का षड्यंत्र 1992 में श्री रामजन्मभूमि के बाद शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य था राम के नाम पर उग्र हो चुके हिन्दुओ के जोश को ठंडा करके एक ऐसा विकल्प देना जिसके पीछे भाग कर हिन्दू राम को भूल जाए,
आज जितने देश में राम मंदिर है उतने ही साईं के मस्जिद रूपी मंदिर बन चुके है, हर राम मंदिर में राम जी के साथ साईं नाम का अधर्म बैठा हुआ है,
अधिकतर साईं के मंदिर 1998 के बाद ही बने है तब इस्लामिक संगठनो द्वारा साईं के प्रचार के लिए बहुत अधिक धन लगाया गया,
साईं के सुन्दर सुन्दर भजन, गाने, मूर्तियाँ, झूठी कहानियां बनाई गयी, कुछ कहानियां साईं सत्चरित्र से मेल खाती है जैसे की दिवाली पर दिए जलाने की घटना जो असल में साईं ने दियो में थूक कर जलाये थे,
ऐसी ही बहुत सी घटनाओं को तोड़ मरोड़ कर पेश किया और हिन्दुओ में सेकुलरिज्म का बीज साईं के रूप में अंकुरित किया गया,

====>>>> यदि किसी को ये झूठ लगे तो स्वयं ही वो शोध कर ले,

साईं की ये असली मूर्ति आप देख रहे है जिसमे साईं एक मुस्लिम और पूरी तरह से केवल एक कट्टर मुस्लिम ही दिख रहा है जिसमे सनातन धर्म का अंश मात्र भी नहीं दिख रहा है,
पर साईं को सनातन धर्म में बिठाने वालो ने साईं का भगवाकरण किया और मुर्ख हिन्दुओ ने उसमें पैसे कमाने के लिए मार्केटिंग की,
आज भी साईं के मुर्ख भक्त ये नहीं सोचते की साईं की असली कट्टर मुस्लिम छवि वाली बदसूरत मूर्ति की जगह उसकी सुन्दर मूर्तियाँ बनाने का क्या प्रायोजन था?
जिस दिन साईं के भक्त ये समझ जायेंगे उस दिन उनका सनातन धर्म में वापिस शुद्धिकरण हो जाएगा,
और मित्रो हमें तो आधे मुस्लिम बन चुके इन साईं भक्तो का शुद्धिकरण ही करना है यही है हमारा संकल्प, यही है हमारा उद्देश्य,
और यही धर्म के प्रति हमारा कर्तव्य है,
शेयर करे और हिन्दुओ को जगाये,
चाहे sms करे, whatsapp करे या मेल करे पर अपने मित्रो को साईं के विषय में बताये,
जय जय श्री राम
हिन्दू जागेगा, साईं भागेगा,

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